👉बकरी के रचनाकार - सर्वेश्वर दयाल सक्सेना 👉रचना काल - 1974 👉 प्रकाशक -श्रीकान्त व्यास 👉 नाटक से पहले भूमिका दृश्य है । 👉इसमें राजनीतिकों के मुखोटो (गांधीवाद)का पर्दा फाश किया गया है। 👉 निम्न बोलियों में मंचन हुआ है : ब्रजभाषा, कुमायनी, गुजराती, कनन्ड़, उडिया, छतिशगढ़ी 👉 नाटक के प्रत्येक दृश्य के बाद नट गायन है तथा अंतिम दृश्य में नट नटी के साथ साथ सबका गायन है। 👉 पात्र :- दुर्जन, सत्यवीर ,कर्मवीर ,सिपाही, युवक, विपती, काका ,चाचा ,चाची ,काकी, राम,भिशती 👉प्रथम प्रस्तुति :- जन ना...
1 गोबर को मजदूरी पर किसने रखा ? मिर्जा खुर्शेद ने 2 रायसाहब अमरपाल किस गाँव के निवासी थे ? सेमरी 3 होरी ने आलू बोने के लिए दातादीन से कितने रूपए लिए ? तीस रुपए 4 दशहरे के दिन होरी ने किस किरदार की भूमिका निभाई ? राजा जनक के माली की 5 प्राफेसर मेहता कितने रूपए महिना लेते थे? आठ सौ रुपए 6 गाँव वालों ने हारी पर कितना तवान लगाया ? 100 रू० और 30 मन अनाज 7 होरी ने अपना घर कितने रूपए में गिरवी रखा ? अस्सी रुपए में 8 रायसाहब मजूरों से किस दाम पर कार्य करवाते थे ? एक आने रोज क...